कोई क्यों चला जाता है

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जब तक हैं और जो-जो हैं प्यार, इज़्ज़त और वक़्त बाटें पता नहीं कब कौन साथ छोड़कर चला जाये पता नहीं कब हम ही इस दुनिया से चले जाएँ...

Singapore Brought Me Closer to My Heroes – How ‘Marvel’ous Is That?

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“There was an idea to bring together a group of remarkable people... To see if we could become something more. So when they needed us, we could fight the battles that they never could...”

सफ़र को ख़ूबसूरत हमसफ़र ही बनाता है…

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ये सच है... सही इंसान के साथ हाईवे के ढाबे पर बैठ कर एक प्याली चाय और पराठे में भी ख़ासियत नज़र आती है.... उसके साथ सफ़र इतना हसीं लगने लगता है कि मंज़िल तक पहुंचने की चिंता भी धूमिल सी हो जाती है... ज़िन्दगी में ज़िन्दगी भर जाती है... सब कुछ थमा  हुआ ठहरा... Continue Reading →

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