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बात बचपन की कुछ अलग ही थी

एक लड़कपन सा था एक बेबाकी सी थी बात बचपन की कुछ अलग ही थी न नौकरी की चिंता ना ज़िन्दगी के ग़म खुशियों से भरा होता था हर एक मौसम स्कूल से घर और घर से ट्यूशन टीवी पे आता था […]

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ज़िन्दगी है

हादसों के सिलसिलों का नाम ही तो ज़िन्दगी है टूटती हूँ बिखरती हूँ फिर ख़ुद को समेटती हूँ जब तक हैं सांसें जी लूँ, कुछ कर लूँ खुश रहे जो लोग हैं, इतनी सी तुझसे बंदगी है ऐ ख़ुदा! तूने जो दिया […]

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वो प्यार करता है

वो प्यार करता है समझाता है, समझता है मेरी बातों को परखता है   जब बिना बात मैं लड़ जाऊं बचकानी ज़िद पे अड़ जाऊं जब मैं उसकी बातों को जान के भी, बेवजह, अकड़ जाऊं   मुझपे गुस्सा करता है समझाता […]

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मेरे हिस्से की कहानी

मेरे हिस्से की कहानी कौन सुनेगा? मेरे जज़्बात, मेरे आंसू कौन देखेगा? वो कहता है कि मैं उसे नहीं समझती उसके हालात उसकी तकलीफें नहीं जानती वो कहता है मैं मतलबी हूँ मैं खुद किन तकलीफों से रोज़ गुज़रती हूँ वो बातें […]

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नैन्सी

पागल सी है झल्ली सी है फिर भी अच्छी लगती है इस खोखली झूठी दुनिया में एक वो है जो सच्ची लगती है हम सबको हसाती है, जाने क्या क्या बोल के जो दिल में हो वो कहती है बिना कुछ भी […]

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ना जाने क्या?

ना जाने क्या सोचता रहता है मुझसे तो कुछ कहता नहीं उसकी नम आँखें और शांत सा चेहरा देख कर दिल मेरा टूट सा जाता है ना जानें किन चीज़ों से गुज़रता है रोज़ मुझसे अपने दुःख बांटता नहीं उसकी तकलीफें महसूस […]

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यूँ ही

न इसके लिए अच्छी ना उसके लिए काफ़ी न इसके हिसाब से ना उसके मुताबिक़ क्या है तरीका ए मालिक़ बता दो कि कर सकूँ कुछ अच्छा तुम मुझको दुआ दो चाहे जितने भी कर लूँ मैं जतन नहीं होता काफ़ी रह […]

बड़े दिनों बाद लिख रही

आज बड़े दिनों बाद लिख रही व्यस्त थी, सफर कर रही थी… घर जाकर आना एक भावुक चर्या रही है हमेशा इस बार कुछ ज़्यादा सराबोर थी छुट्टियां भावनाओं से इस बार घर से बस्ता उठा के चली तो सिर्फ अपने आशियाने […]

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दोस्ती हसीन है

दोस्ती हसीन है ये दुःख सुख का साथी है, एक सहारा है जब कोई साथ ना दे, तब भी ये हमारा है दोस्ती ज़िन्दगी है ये अनोखा और अजीब है फ़ासला वक़्त का हो या सरहदों का इसके सामने सब फ़ीके हैं […]

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