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Month: June 2018

#Collaborations

Chaos by Arunima Gururani

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Sometimes I feel trapped Like unsaid thoughts Chained to a body, Emotions that are meant to be screamed Are muffled and choked Under a thick blanket of society… I feel the world crumble Into pieces that don’t fit And I […]

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#Features

Goodbyes Are A Tradition Now

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I used to feel sad and emotional about goodbyes. Going from my In-Laws’ to my Mom’s, from my Husband’s to my Father’s or from my Brother’s to my Grandparents’ – every single goodbye is equally painful. Oxymoronically, it comes wrapped […]

#Collaborations

Looking For The Right Marble, Getting Better At Life

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I was talking to a friend last week. It was a rough week. My thoughts weren’t clear, I was hurting and like every time, my emotions were everywhere. And I did what I do best – take my feelings, put […]

#Collaborations #Updates

Guest Blogger – Arunima Gururani

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It gives me utmost pleasure to welcome Arunima Gururani on board at http://www.theventmachine.com She will be writing for #theventmachine as a Guest Blogger on a weekly basis. For more details stay tuned! #tvmtheblog #guestblogger

#हिंदी रचनायें #Updates

Happy Father’s Day🙏🏻☺️❤️

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सर पे चार-चार पिता स्वरुप पेड़ों की छांव में ज़िन्दगी कड़ी से कड़ी धूप भी बिना झुलसे निकल जाती है | नाना जी, पापा (दादा जी), डैडी और पापा (ससुर जी) को फादर्स डे पर प्रणाम और प्यार | #happyfathersday […]

#Features #WIIFF 2018

The Social House Gave Wings To The Artist Inside Me

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I went to Delhi in the year 2008 in the search of what I thought would be my career one day. The city gave me more than that – it helped me find what and who I am. I had […]

#हिंदी रचनायें

बस यूँ ही

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तो एक और सफ़र ख़त्म हुआ… इस बार कई वर्ष बाद माँ के साथ लगभग बीस दिन रही… सिंगापुर से लेकर बेगूसराय तक का ये सफ़र बहुत ख़ूबसूरत रहा.. इस बार एक बात का एहसास हुआ कि एक बेटी से […]

#हिंदी रचनायें

माँ कहती है

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जब हम छोटे थे मम्मी एक बात हमेशा कहती थी कि कोई भी तालीम कभी ज़ाया नहीं जाती | वो कहती थी कि जहाँ जो ज्ञान मिल रहा है – किताबी या बहार से – उसको सीरियसली लो; कब कौन […]

#हिंदी रचनायें

खिलौने और बचपन

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अक्सर घरों में बच्चों के लिए ढेर सारे सॉफ्ट टॉयज़ लाये जाते हैं | ये एक आम बात है | हमारे घर में भी काफी सारे सॉफ्ट टॉयज़ हैं लेकिन हमारे सन्दर्भ में इस बात के पीछे एक खासियत है […]

#हिंदी रचनायें

मुट्ठी भर मिट्टी पैक कर लूँ

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मन कर रहा है कि मुट्ठी भर मिट्टी पैक कर लूँ वो खाये हुए आमों की गुठलियां भी सुखा कर रख लूँ बैग में थोड़ी सी दादी की बच्चों सी किलकारी और दादू से मिली नसीहतें थोड़ा वो आदर जो […]

#Collaborations

Short Poem By Kanchan Vallecha

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Everyday I wake up and call, Not to demand anything, But to thank him for his greatness, Still I observe the false with right person, He calls it an exam, For me it’s a path full of thorns, Far away […]

#हिंदी रचनायें

जड़ों के क़रीब आती है मिटटी की ख़ुश्बू

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कल शाम को छपरा पहुंची | माजी पापा (दादा दादी) से मिलकर हमेशा अच्छा लगता है, लाज़मी है | लेकिन जब से मेरी शादी हुई है घर के नाम बदल गए हैं | घर मायके और ससुराल में बंट गया […]

#Collaborations #Updates

Certificates for #getpublished June Edition

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#theventmachine feels proud to have such awesome writers on board… Many Congratulations to all winners once again… As promised, presenting your certificates today… Keep writing and All the best! 💥SURPRISE💥 Check out the website tomorrow morning to find out what […]

#हिंदी रचनायें

तो हमने बदल डाली अपनी मंज़िल

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तो हुआ यूँ की सफ़र इतना लम्बा लगने लगा कि हमने अपनी मंज़िल ही बदल डाली | निकले थे बरौनी के लिए; बीच में सौभाग्यवश छपरा पड़ रहा है जो की मेरे दादा दादी का घर है | तो तय […]

#हिंदी रचनायें

ट्रेन लेट है

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हाँ तो ट्रेन लेट है… यही कुछ आठ-दस घंटे से.. लेकिन ये तो आम बात है भारतीय रेल के लिए.. वो भी दिल्ली बिहार रूट में तो अगर टाइम पे पहुंच जाएं तो घबराने वाली बात होती है | डिप […]

#हिंदी रचनायें

दिल्ली, बिहार और रेल की सवारी

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ट्रेन से सफ़र करना आम बात रही है… आठ साल के दिल्ली के दौर में घर आना जाना ट्रैन से ही होता था.. आज बड़े दिनों बाद आनंद विहार टर्मिनल से ट्रेन की सवारी कर के बेगूसराय जा रही हूँ.. […]

#Collaborations

CALL ME A THALASSOPHILE

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It’s a bright sunny morning in Pondicherry. My body seems like a total wreck from the hectic itinerary coupled with the unbearable heat of South India. But being a lover of the sea, I can never say no to beaches.

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