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दोस्ती हसीन है

दोस्ती हसीन है
ये दुःख सुख का साथी है, एक सहारा है
जब कोई साथ ना दे, तब भी ये हमारा है

दोस्ती ज़िन्दगी है
ये अनोखा और अजीब है
फ़ासला वक़्त का हो या सरहदों का
इसके सामने सब फ़ीके हैं
क्योंकि एक बार अगर ये हो जाए, तो ये आजीवन रह जाता है

कुछ दोस्त बने, वो दोस्त मिले
जब मिले तो सालों बाद मिले
बचपन में साथ खेला था, संग स्कूल और मेला था
क्या पता था जवानी में
एक रोज़ जब मुलाक़ात होगी
वो दोस्ती ज्यों की त्यों होगी

ना कोई शर्म, ना दिखावा
कोई समाजिक दीवार नहीं
जब अब मिले तो ये जाना, उन जैसा कोई परिवार नहीं
हँसना खेलना रोना झगड़ना
ना जाने हमने क्या-क्या साथ किया
अब सोच के ख़ुशी होती है
की जीया तो तुम सब के साथ जीया

दोस्ती एक ग़ज़ल है , एक नग़मा है
ये एक ऐसा सपना है
जो एक आस दिलाता है
कि अभी अच्छाई बाकी है
रिश्तों में सच्चाई बाकी है

दोस्ती हसीन है
ये दुःख सुख का साथी है, एक सहारा है
जब कोई साथ ना दे, तब भी ये हमारा है

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Comments

Mamta pandey
October 4, 2016 at 4:00 pm

Well said.
Ur friends r amazing.They really love u a lot nd care for u.
Be thankful to them to giving u moments u can feel whole life.
Sachche khubsurat pal.
God bless u nd ur friends.





Preeti
October 15, 2016 at 9:22 am

Yashi. Beautifully written. And haan dosti jyun ki tyun hi hai .itte saal baad bhi. Love you



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