Site icon The Vent Machine

कश्मकश

Advertisements

कश्मकश में जी रही
क्या ग़लत क्या सही
कुछ पता नहीं कुछ अता नहीं

कहना कुछ चाहती हूँ
करना कुछ और
हो कुछ जाता है
आता समझ कुछ और

अपने दिल से मजबूर हूँ
दिमाग की ग़ुलाम
बेबस हूँ बेवक़ूफ़ हूँ
और लोगों में बदनाम

कश्मकश में जी रही
क्या गलत क्या सही
कुछ पता नहीं कुछ अता नहीं

Exit mobile version